Wednesday, 28 September 2022

Maa Durga ke 108 Nam Bhajan मां दुर्गा के 108 नामों का महत्व व वर्णन दुर्गा भजन

Maa Durga ke 108 Nam Bhajan मां दुर्गा के 108 नामों का महत्व व वर्णन दुर्गा भजन 
Durga ke 108 Nam

दोस्तों नवरात्रि हो या को भी उत्सव पूजा हो माता के सुमधुर भजनों को सुनकर मन प्रफुल्लित हो जाता है। घर में नयी ऊर्जा का संचार होता है। आज हम आपको माता का ऐसे भजन के बारे में बता रहे हैं, जो ऑल टाइम हिट माना जाता हैं। लेकिन अगर आप व्यस्तताओं के चलते ‍विधिवत आराधना ना कर सकें तो मात्र 108 नाम के जाप करें इससे भी माता प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती है। इससे सम्पूर्ण चण्डी पाठ का फल मिलता है।

|| श्री दुर्गा 108 नामावली ||

जौ जस देयी मेरी माता नव दुर्गा      भवानी ।
मैं अष्टोत्तरशत नामावली का करता हूं गुणगान ।।
सती, साध्वी, भवप्रीति, भवानी ,    भवमोचनी ।
आर्या, जया, आद्या, त्रिनेत्रा, दुर्गा मां    भवानी ।।
शूलधारिणी,पिनाकधारिणी, चित्रा,चण्डघण्टा ।
महातपा, मन, बुद्धि, चिता, मां  चिति अहंकारा ।।
सर्वमन्त्रमयि, चित्तरूपा, सत्ता मात भाविनी ।
सत्यनन्दस्वरूपिणी, मां अनन्ता,    देवमाता ।।
भव्या,भाव्या,अभव्या मां सर्वयज्ञविनाशिनी ।
सदागति, शाम्भवी, चिन्ता, अनन्ता सर्वविद्या ।।
रत्नप्रिया,दक्षकन्या, अपर्णा, दक्षयज्ञविनाशिनी ।
पाटलावती, पाटला मां तू ही    अनेकवर्णा ।।
पट्टाम्बरपरीधाना माता कलमंजीररंजिनी ।
अमेयविक्रमा,क्रूरा,सुन्दरी,कराली,सुरसुन्दरी ।।
मातंगी, मातंगमुनिपूजिता, वनदुर्गा, परमेश्वरी ।
माहेश्वरी, ऐन्द्री, कौमारी, चामुण्डा, वाराही ।।
पुरूषाकृति, वैष्णवी, विमला हे माता लक्ष्मी ।
उत्कर्षिणी,नित्या, बुद्धिदा, महिषासुरमर्दिनी ।।
बहुला, ज्ञाना, बहुलप्रेमा, क्रिया, मां वृद्धमाता ।
सर्ववाहनवाहना,प्रत्यक्षा शुम्भहननी- निशुम्भ ।।
चण्डमुण्डविनाशिनी मां    मधुकैटभहन्त्री ।
सर्वशास्त्रमयी, सत्या, मां  सर्वदानवघातिनी ।।
सर्वास्त्रधारिणी माता   अनेकास्त्रधारिणी ।
अनेकशस्त्रहस्ता, कुमारी, तु ही अग्नीज्वाला ।।
एककन्या, यति, युवती मां कैशोरी, शिवदूती ।
अप्रौढा, प्रौढा, तपस्विनी, मां तू है कालरात्रि ।।
महाबला,बलप्रदा,महोदरी,माता हे कात्यायनी ।
मुक्तकेशी, रौद्रमुखि मां नारायणी,, भद्रकाली ।।
जौ जस देयी मेरी माता नव दुर्गा      भवानी ।
मैं अष्टोत्तरशत नामावली का करता हूं गुणगान ।।

Sunday, 18 September 2022

Hindi Love Heart gajal Shayari रिश्तों की अहमियत पर गजल शायरी एवं कविता

Hindi Love Heart gajal Shayari रिश्तों की अहमियत पर गजल शायरी एवं कविता

Hindi Love Heart gajal Shayari रिश्तों की अहमियत पर गजल शायरी एवं कविता

कविता एक ऐसा माध्यम है जिसके माध्यम से हम अपने दिल की बात बहुत ही आसानी से दूसरों के सामने व्यक्त कर सकते हैं। और हम आशा करते हैं कि आपको यह हिंदी शायरी संग्रह, gajal,poem, sero shayari भी पसंद आएगा।  आजकल, सोशल मीडिया किसी भी क्षण किसी के सामने अपनी भावनाओं को साझा करने का एक बेहतरीन मंच है।imortance Shayari, Love Shayari In Hindi Best gajal Shayari, Couple Love poem Shayari, Lovely gajal Shayari, Love Shayari all time और अब इस पेज पर आप दर्द, दर्द, इमोशन, जिंदगी, और भी बहुत कुछ शायरी का एक विशाल संग्रह पढ़ सकते हैं।  


आज रिश्तों कि अहमियत क्या रही जमाने में ।
नर्म दिल पत्थर के बन गये है परिवारों मे ।
उनको मालूम नहीं है मुहब्बत की नुमाईश क्या है ।
अपनों से रूठ करके खुशियाँ ढूंढते जमाने में ।।

रिश्तों में गहमा गहमी, अपनों का फसाना है।
लो चल दिए है हम अब, बेदर्द जमाने से ।।

अपनों का जुल्म है या किस्मत का खेल है ये ।
सितम क्या तुम्हें बतायें, गुजरी क्या दिल पे मेरे ।।
बच्चे भी रूठे हमसे,रूखसत ओ कर गये ।
रिश्तों में------------------------ बेदर्द जमाने से ।।

पैंसों से जोडे रिश्ता, अपनों से क्यूं रूठे हो ।
भाई दूर जा रहा है, पत्नी से वादे झूठे ।।
माया के इस भंवर में,परिवार टूटे टूटे ।।
रिश्तों में------------------------- बेदर्द जमाने से ।।

कोई कितनी भी सोहरत कमा दे इस फसाने में ।
प्यार ओ चीज है जो मिलती नहीं है दुकानों में ।।
रिश्ते ही तो हर मर्ज की दवा होती है ।
क्यूँ अपनों को छोडते हो दहकते हुए अंगारों में ।।

जो कमाया तूने जग, कुछ हाथ वो न आये ।
गर आए बुरा समय जब, अपने न साथ आये ।।
कम ही कमाओ प्यारे,जियो अपनों के संग में ।।
रिश्तों में गहमा-------------------- बेदर्द ज़माने से ।।

Monday, 12 September 2022

Hindi Diwas Poem in Hindi: हिन्दी दिवस पर कविता/ मां हिन्दी तुझे पुकार रही

Hindi Diwas Poem in Hindi: हिन्दी दिवस पर कविता/ मां हिन्दी तुझे पुकार रही
Hindi Diwas Poem

नमस्कार दोस्तों आज हम एक विशेष दिन,और विशेष दिवस हिंदी दिवस पर कविता Shayari, thauds और Shubhkamnayen लेकर आया हूँ। हिंदी दिवस का त्यौहार 14 सितंबर 1953 से मनाया जा रहा है। और Hindi Diwas को मनाने का मुख्य उद्देश्य भारतीय लोगों के बीच हिंदी भाषा की जागरूकता को फैलाना है।क्योंकि आज भारत का दुर्भाग्य है कि उसकी ही गोद में अंग्रेजी का प्रचलन जादा हो रहा है। भारत में 1949 के केंद्रीय सभा बैठक के दौरान हिंदी को केंद्रीय भाषा के रूप में चुना गया था। मगर इसके बावजूद भारत में हिंदी भाषा को वह अहमियत नहीं दी जाती है जिसकी वह हकदार है जिस वजह से हिंदी दिवस हर साल पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है..

हिन्द देश के नौ जवानों, मैं उनको जगाने आया हूँ ।
जो छोडके के अपनी भाषा और,गैरों को शीश नवाते है ।
हर भाषा की जननी हिन्दी, है इसमे ममता भरी ।
गैरों को अपना कर देती,है इतना प्रेम हिन्दी में भरा ।
आन-बान और शान है हिन्दी, भारत का अभिमान है ।
त्याग-तपस्या- बलिदान सिखा दे ऐसी अपनी मां हिन्दी है ।
हिन्द देश के..................................... नवाते है ।।
कबीर,तुलसी,जायसी ने हिन्दी में अमृत घोल दिया ।
हिन्दू,मुस्लिम,सिख,ईसाई सब एक तराजू तोल दिया ।
धर्म-नियम का पाठ पढाए, ममता करूणा सिखलाती है ।
बच्चे की पहली भाषा हिन्दी,है जीवन में वरदान बनी ।
हिन्द देश के...................................... नवाते है ।।
मां का हृदय हिन्दी में बसा है,तभी तो सब सहलेती है ।
बैरी दुश्मन क्या करेगा जब अपने घर में कोहराम है ।
उस सुख का क्या मोल है जग में, जिसमें मां की कुर्बानी हो ।
भूल के सब दुख विपदा को मां हिन्दी तुझे है पुकार रही ।
हिन्द के नौ..................................... नवाते है ।।
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Sunday, 28 August 2022

Poem On Teacher day/ शिक्षक दिवस पर कविता एवं शिक्षक दिवस शायरी

Poem On Teacher day/ शिक्षक दिवस पर कविता एवं शिक्षक दिवस शायरी
Teachers day
Teacher day 

दोस्तों गुरू हमारे जीवन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है,मनुष्य को गुणवत्तापूर्ण बनाने व समाज और देश के निर्माण में शिक्षक का बहुत बड़ा योगदान है,, आज हम आपको इस आर्टिकल में Guru Par kavita,Shayari शिक्षक  दिवस पर कविता व शायरी Shikshak Par Hindi poem Shayari गुरु पर शायरी अध्यापक पर कविता, Guru Par Shayari in Hindi, teacher day Love Heart Touching poem आदि शिक्षक की महिमा का वर्णन एवं गुणों का वर्णन करते हुए ये कविता आपके सामने है..


जीवन के घोर अंधेरों में गुरू ज्योति दिखाई आपने ।

राह दिखाकर सत्य का हर भ्रम मिटाया गुरू आपने ।।

नन्हे से कदम लेकर जब मैं आया था पहली बार यहाँ ।

थामके मेरी ऊंगली को चलना भी सिखाया गुरू आपने ।।

तुम सत्य हो, तुम जीत हो, तुम सफता उम्मीद हो ।

तुम मूल हो, तुम नीति हो, तुम ज्ञान की तलवार हो ।।

तुम ईश हो, तुम परमात्मा हो, तुम मात और पिता भी हो ।

तुम गीता हो, कुरान हो, तुम ही वेद और पुराण हो ।।

तुम ब्रह्म हो,ब्रह्माण्ड हो, नक्षत्र और कर्मकाण्ड हो ।

तुम तीर्थ हो तुम धर्म हो तुम आस और विश्वास हो ।।

तुम पथिक हो, कुम्हार हो, तुम राह और उम्मीद हो ।

तुम भूत हो भविष्य हो, तुम तेज, और सन्ताप हो ।।

तुम ब्रह्मा हो, बिष्णु हो, तुम ही तो तीसरा नेत्र हो ।।

तुम अष्टसिद्धि, नवो-निधि, तुम नवदुर्गा का स्वरूप हो ।

तुम प्रेम हो, अनुराग हो करूणा दया का संसार हो ।।

तुम अग्नि हो, तुम ज्वाला हो, तुम काल में महाकाल हो ।

तुम शीत हो, तुम शान्त हो, तुम ही तो चौदह रत्न हो ।।

तुम ओम् हो तुम शब्द हो, तुम ही सरस्वती गायत्री हो ।

तुम गगन तुम मेघ हो, तुम नदी पर्वत हिमालय हो ।।

तीन लोक त्रिदेवों में है गुरू से बडा न कोय ।

जब करता करे न कर सके गुरू करे सो होय ।।

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Saturday, 20 August 2022

Shri Krishna bhaja राधा- कृष्ण की महिमा का वर्णन भजन संध्या

जय श्री कृष्ण दोस्तों आज हम लेकर आए हैं श्रीकृष्ण और राधा रानी जी की महिमा का वर्णन श्रीकृष्ण भजन, श्रराधा रानी भजन,जन्माष्टमी, राधाष्टमी, होली, भागवत कथा, गीता पाठ, कीर्तन, भजन संध्या, फाल्गुन मेला मे वैष्णव, ब्रिजबासी, वृंदावन, मथुरा, shri KrishnaJanmashtami,  shri Krishnabhajan, गौड़िया संप्रदाय, श्री श्याम भक्तों एवं इस्कॉन समुदाय के बीच प्रसिद्ध श्री कृष्ण भजन। सभी के हृदय में अमृत रस घोलने वाला भजन।

Shri Krishna bhaja राधा- कृष्ण की महिमा का वर्णन भजन संध्या

तूने जो कमाया है उसे दूसरा ही खायेगा ।
राधा नाम जपते जा मन भ्रम टूट जाएगा ।
तूने जो............................... टूट जाएगा ।।
कृष्ण नाम अमृत है तो राधा है संजीवनी ।
भाव में तू भरते जा मुक्ति मिल जाएगी ।।
तूने जो ............................... टूट जाएगा ।।
प्रेम ही सुधारस है, प्रेम है तो जीवन है ।
राधा राधा रटते जा तुझे कृष्ण मिल जाएंगे ।
तूने जो ............................... टूट जाएगा ।।
प्रेम है भक्ति का सार भक्ति ही है तारण हार ।
राधा कृष्ण रटते जा मन मोह छूट जाएगा ।
तूने जो............................... टूट जाएगा ।।
जब तलक सांसे तुझमें तब तलक ये दुनियाँ है ।
सांसे टूट जाएगी तो सब अपने छूट जाएंगे ।
तूने जो........................... टूट जाएगा ।।
कृष्ण ने सब खोया था फिर भी मुस्कुराया है ।
राधे राधे भजले मन तू पाप मिट जाएगा ।
तूने जो............................... टूट जाएगा ।।

Saturday, 6 August 2022

Poem On Raksha Bandhan in hindi रक्षाबंधन पर गीत,कविता,शायरी / भाई बहिन का प्यार

Poem On Raksha Bandhan in hindi रक्षाबंधन पर गीत,कविता,शायरी / भाई बहिन का प्यार

Poem On Raksha Bandhan in hindi रक्षाबंधन पर गीत,कविता,शायरी / भाई बहिन का प्यार

नमस्कार दोस्तों  आज हम रक्षाबंधन पर कविता गीत,कविता लेकर आए हैं Poem On Raksha Bandhan In Hindi सभी भाइयों और बहिनों को रक्षाबंधन अतुलनीय प्रेम की अमर कहानी गीत के रूप में हम लाए हैं, हर वर्ष श्रावण मास में राखी का त्यौहार देशभर में मनाया जाएगा, जहाँ बहिन भाई को रक्षासूत्र बांधती है वहीं भाई भी बहिन की रक्षा की सौगन्ध लेता है “Raksha Bandhan 2022 Poem Hindi” के अवसर पर अपनी बहिन या अपने भाई को भेजने के लिए एक छोटी सी हिंदी कविता गीत हमने तैयार किया है आशा है आपको पसंद आएगी...


भाई बहन का प्यार है ये रिश्ता मधुर सुहाना ।
छोड के सारे बंधन को तुम दिल से इसे निभाना ।
राखी के प्यारे बन्धन को तुम जीवन भर निभाना ।
भाई बहन.................................... सुहाना ।।
धागों का कंगना हो, मस्तक तिलक सजे हर पल ।
रक्षा कवच बना दूं ,मेरा भाई सलामत रहे जग मे ।
राखी के शुभ अवसर पर है बहिन दुवाएं लाई ।।
भाई बहन................................ सुहाना  ।।
बहन न मांगे हीरे मोती, ना मांगे शोहरत तुमसे ।
रहे सलामत तुम जग में, हर चौखट दिए जलाती है ।
रूठे भाई बहन से जब भी,राखी याद दिलाए ।।
भाई बहन................................ सुहाना ।।
घर भी स्वर्ग लगे जहाँ बहिन भाई का जोडी हो,
चांद चांदनी से रूठे ना रूठे भाई बहन से ।
दुनियां के सब रिश्तों में है,अमर पवित्र पुराना ।।
भाई बहन.................................. सुहाना ।।
बेटी होती नहीं है पराई ये बात बताना मां को तुम ।
रूपयां पैंसा न दहेज हो,तुम देना मुझको स्वाभिमान ।
परम्पराओं कुप्रथाओं से,भैया तुम मुझको बचाना ।
भाई बहिन .............................. सुहाना ।।

Saturday, 30 July 2022

poem on martyrs of india/आजादी के अमृत महोत्सव पर कविता

poem on martyrs of india/आजादी के अमृत महोत्सव पर कविता
Ajadi ka amrit mahotsav
Ajadi ka amrit mahotsav

सलाम है मेरे इस वतन को पियारे,
जिसने जगत में दियी साख हमको ।
न मिट पाये गौरव भारत का जगत में,
ये भारत मेरी जान,दिल है हमारा ।।
ये भारत................................ हमारा ।।
न चाहूँ मैं शानो-शौकत इस वतन में, 
न रूपया न गाडी न शोहरत मैं चाहूँ ।
मैं चाहूँ बडे गौरव मेरी मां जगत में, 
कतरा-कतरा लहू का वतन पर लुटा दूं ।
ये भारत................................ हमारा ।।
नमन है उन गुमनाम शहीदों को जिसने,
दिया मेरे भारत को शहादत है अपनी ।
नमन है उन माओं, बहन बीबियों को,
जिसने वतन को दिया अपना सुख है ।
ये भारत.................................हमारा ।।
नमन है मेरे वेद शास्त्रों को जिसने,
दी हमने जहाँ को संस्कृति सभ्यता है ।
नमन है उन संभ्रांत बीरागनाओं को,
मिट गया खुद का सर्वस्व हुए वो अमर है ।
ये भारत...................................हमारा ।।
नमन है उस माता पत्नी बेटी बहन को,
जिनके सपनों का राही तिरंगे से लिपट आया ।
नमन है उस सुहागिन बहन वीरवधू को,
जिसने लाखों सुहागों पे किया खुद को समर्पित ।
ये भारत...........................हमारा ।।

 अन्य सम्बन्धित काव्य साहित्य (कवितायें)-----