Friday, 12 June 2020

अच्छे चरित्र निर्माण की महत्वपूर्ण, बातें व विशेषताएं सफलता,कामयाबी एवं व्यक्तित्व विकास के लिए जरूरी है चरित्र निर्माण , Important, things and characteristics of good character building

अच्छे चरित्र निर्माण की महत्वपूर्ण, बातें व विशेषताएं
सफलता,कामयाबी एवं व्यक्तित्व विकास के लिए जरूरी है चरित्र निर्माण 
Important, things and characteristics of good character building
Character building is essential for success, success and personality development

दोस्तों हम जानते है कि व्यक्तित्व विकास जितना जरूरी है,उतना ही अच्छे चरित्र का निर्माण होना भी परम आवश्यक है। व्यक्तित्व विकास एक प्रक्रिया है और चरित्र निर्माण उसका परिणाम है। चरित्र एक ऐसी पूंजी है जो एक बार चली गयी तो दुबारा वापस नहीँ आती है। वर्तमान मेें जीवन की सार्थकता को केवल भौतिक सुख सुविधाओं से जोड़ लेने से एकाकी संकीर्ण सोच समाज में पनपती जा रही है। धनार्जन और बाहरी सुख समृद्धि जीवन का उद्देश्य बनता जा रहा है। शिक्षा का उद्देश्य नैतिक पक्ष होना चाहिए, जिससे जीवन का निर्माण हो सके,और समाज में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित कर सके।
अनुशासन का अर्थ हैं निति नियमों का पालन करना ही है। आज के Discipline Essay In Hindi, discipline in student life, पर यहाँ बात करने वाले हैं।( विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का महत्व,  essay on discipline in student life in hindi, gyansadhna.com
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कैसे बनता है अच्छा चरित्रHow to make a good character

हमारे समाज में कुछ ऐसे भी लोग होते है जिन्हें हम कभी भूल नहीँ सकते हर पल उनका गुणगान करते रहते है, How to make a good character in hindi
ये ही है उनके अच्छे चरित्र की विशेषता जो उन्हें सबसे अलग करती है।एक अच्छे,मजबूत चरित्र का निर्माण करो ये बात आप अक्सर अपने घर वालों, रिश्तेदारों या पास पड़ोस के लोगों से अक्सर सुनते रहते होंगे लेकिन अच्छे, मजबूत चरित्र का निर्माण कैसे करें ये बात काफी हद तक आपको बचपन के दिनों में घर वालों के द्वारा दी गयी शिक्षा, स्कूल में आपने टीचर्स के द्वारा दी गयी शिक्षा और कालेज में आपकी दोस्ती, संगत आदि सभी चीजों के ऊपर काफी हद तक निर्भर करती है। How to make a good character in hindi और सबसे महत्वपूर्ण है कि हम कैसे भी समाज में क्यों न रहे हमे अच्छा ही चुनना है तभी अच्छे बन सकते है।

क्या है चरित्र निर्माणWhat is character building

अक्सर हम कहते सुनते है कि अच्छा चरित्र होना चाहिए पर आखिर चरित्र होता क्या है, हमे यह जानना बहुत ही जरुरी है,सद्भावना के लिए आवश्यक है- चरित्र। सद्विचारों और सत्कर्मो की एकरूपता ही चरित्र है। What is character building in hindi जो अपनी इच्छाओं को नियंत्रित रखते हैं और उन्हें सत्कर्मो का रूप देते हैं उन्हीं को चरित्रवान कहा जा सकता है। चरित्रवान व्यक्ति की स्मरणीय शक्ति बहुत तीव्र होती है, वह किसी का न बुरा करता है न सोचता है, इसीलिए संयत इच्छाशक्ति से प्रेरित सदाचार का नाम ही चरित्र है। चरित्र मानव जीवन की स्थाई निधि है।What is character building in hindi जीवन की स्थाई सफलता का आधार मनुष्य का चरित्र ही है। चरित्र मानव जीवन की स्थाई निधि है। सेवा, दया, परोपकार, उदारता, त्याग, शिष्टाचार और सद्व्यवहार आदि चरित्र के बाह्य अंग हैं, तो सद्भाव, उत्कृष्ट चिंतन, नियमित-व्यवस्थित जीवन, शांत-गंभीर मनोदशा चरित्र के परोक्ष अंग हैं। What is character building in hindi यहाँ कुछ भी रीती नीति  या भाग्य के अनुसार नही चलता है, यहाँ तो व्यक्ति के विचार इच्छाएं, आकांक्षाएं और आचरण जैसा होगा, उन्हीं के अनुरूप चरित्र का निर्माण होता है। इसीलिए अच्छे चरित्र का निर्माण होना परम आवश्यक है, और यही हम सबकी सच्ची पूंजी है।

चरित्र की महत्वपूर्ण विशेषताएं एवं प्रमुख बातें 
Important features and key features of the character
अपनी आलोचना कोई भी पसंद नही करता, लेकिन ईमानदारी से की गयी आलोचना को अपनाने से हमें एक अच्छी सीख मिलती है,जिस प्रकार से आलोचकों की वजह से मायूस न होने के लिए चरित्र की जरूरत होती है, उसी तरह आलोचकों की बात को गौर से सुनने के लिए भी चरित्र की जरूरत होती है।

1- चरित्र एक ऐसी पूंजी है जो बैंक अकाउंट की तरह बढती रहती है वह न कम होती है,और न स्थिर रहती है।

2- धन गया तो कुछ न गया लेकिन चरित्र अगर एक बार चला गया तो आजीवन कभी वापस नही आ सकता । इसीलिए बचाने का प्रयास कीजिए। 

3- हमारा चरित्र ही हमारे आध्यात्मिक विकास का आईना होता है, जो हमें आध्यात्म से जोडकर आंतरिक ज्ञान से अवगत कराता है।

4- चरित्रवान व्यक्ति का अपना एक स्तर होता है वह उसी दायरे में रहकर कार्य करता है।

5- कमजोर चरित्र (कुआचरण) आत्मा की कमजोरी को दर्शाता हैI हमे स्वयं चिन्तन करके यह निणर्य लेना होगा कि कौन ज्यादा मूल्यवान है और कौन गौण ? हमारा शरीर या आत्मा है।

6- चरित्रवान व्यक्ति हमेशा अहंकार रहित ढृडता और मनोबल एवं आत्मविश्वास के साथ कार्य करता है।

7- नैतिक मूल्य हमारे पथ–प्रदर्शन के लिए है, इसलिये इनका संतुलित विकास आवश्यक हैI

8- चरित्रवान व्यक्ति हमेशा अपनी ही गलतियों से सीखता है उन्हे दबाता नही है।

9- किसी एक नैतिक गुण का विकास अन्य सभी नैतिक गुणों पर निर्भर होता हैI

10- चरित्रवान व्यक्ति मे एक खासियत होती है वह हमे अच्छा ही कार्य करता है दूसरो के लिए ही सोचता है, तथा हमदर्दी को अपनाता है।

11- किसी नैतिक गुण में हमारी कितनी निपुणता है, यह इस बात पर निर्भर है कि हमने कितना उस गुण को अपने जीवन में आत्मसात कर लिया हैI


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