Thursday, 4 March 2021

Easy ways to relieve stress क्या है तनाव और कैसे दूर होगा? परीक्षा के दौरान तनाव दूर करने के आसान उपाय

Easy ways to relieve stress क्या है तनाव और कैसे दूर होगा? परीक्षा के दौरान तनाव दूर करने के आसान उपाय

What is stress and how to overcome / ways to relieve stress during the exam दोस्तों नमस्कार आज मै बहुत ही अहम बात करने वाला हूँ, जो हर उस विद्यार्थी के लिए महत्वपूर्ण है जो किसी भी परीक्षा की तैयारी कर रहा है,(Exams stress in hindi हम जानते है कि परीक्षा के दिनों में तनाव होना लाजमी है। आखिर इसका संबंध आपके भविष्‍य से जो होता है। जीवन में क्या होगा?What will happen in life,हम सफल कैसे होंगे?How will we succeed आदि समस्याएं आयी है,यह तनाव अगर सकारात्‍मक हो तो अच्‍छा होता है, वहीं अगर कहीं यह नकारात्‍मक हो जाए तो सारे किये कराये पर पानी भी फेर सकता है।What is the state of stress हमे भविष्य के प्रति चिंता अधिक होने के कारण हमारा स्वास्थ्य भी विपरीत हो जाता है, अधिक तनाव एकाग्रता को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे फायदा हो न हो, लेकिन नुकसान बहुत हो सकता है। इसी लिए चिंता नहीं चिंतन कीजिए। और तनाव को छोड दीजिए।  जीवन में क्या होगा?, जीवन कैसे व्यतीत होगा? सफलता कैसे मिलेगी? परीक्षा कैसे पास होगी? अच्छे नम्बर कैसे आएंगे? मैरिट में नाम होगा की नहीं? What is the state of stress आदि बाते सोचना बंद करे वह तो केवल आपकी मेहनत पर ही निर्भर करता है।

कैसी होती है तनाव की अवस्था?What is the state of stress

अक्सर ज्यादातार छात्र पूरी पढाई काल में परिणाम के प्रति चिंतित रहते है, परीक्षा को लेकर तनाव और घबराहट (Exam Stress) होना आम बात है,परन्तु इतना बयभीत नहीँ होना चाहिए कि आपका स्वास्थ्य ही खराब हो जाए, यही चिन्ता हर व्यक्ति की तनाव झेलने की क्षमता को कम करता है। (Exam stress and pressure) तनाव झेलना बेहद मुश्किल हो जाता है। आज हम जानेंगे तनाव कम करने के वो आसान उपाय व महत्वपूर्ण रोचक तथ्य जो हमें निर्भीक बना देंगें।

1- टाइम टेबल बनाएं

हम तनाव में तभी आते है जब हम पढने की समय-सारणी,(Time-manegment) नहीँ कर पाते अगर आप यह सुनिश्चित कर लेते है तो फिर आपको पढाई करने में कोई परेशानी नहीं होगी।

2- Gurup-stday(गुरूप में पढें 

गुरुप में पढने के कयी फायदे होते है,इससे हमें याद भी जल्दी हो जाता है और हमें किसी प्रकार की चिंता या तनाव नहीं सताता है।जो प्रश्न हमें कठिन लगते है,उनका भी समाधान मिल जाता है। और नये ज्ञान से भी हम परिचित होते है।

3- पाठ्यक्रम (सिलेवस) को समझें 

जी हां हमे कोई भी बुक अगर पढनी है और अच्छी तैयारी करनी है तो फिर हमे उस परीक्षा के सिलेवस को समझना बहुत जरूरी है,और जहाँ तक हो सके उतना ही पढे जितना सिलेवस मे पूछा गया है।,जादा पढना कोई गलत नहीँ है लेकिन खाली समय पर पढे, परीक्षा तैयारी में according to Silva's पाठ्यक्रम के अनुसार ही पढे।

4- फोन को दुशमन नहीँ बल्कि गुरू मानें 

जी हाँ हम बात कर रहे है परीक्षा तैयारी में तनाव कैसे दूर हो पहले कहते थे कि पढाई करते समय फोन से दूर रहना चाहिए लेकिन अब समय में परिवर्तन आ चुका है। ऑनलाइन का जमाना आ चुका है,परीक्षा से सम्बन्धित अनेकों प्रश्नोत्तर Google  और Facebook गुरूपों पर मिल जाते है। इसीलिए सही समय पर फोन का सदुपयोग कीजिए आपको सफलता अवश्य मिलेगी।

5- पढने से पहले अपने लक्ष्य को याद करें 

जी हां अगर जीवन में कामयाब होना है तो एक नहीँ बार-बार अपने लक्ष्य को याद करे,उससे आपके अन्दर जोश आएगा और आप मेहनत करने के लिए उत्साहित रहेगे। आपकी निरन्तर यही क्रिया संजीवनी का काम करती है। 

6- धैर्य बनाए रखना 

कभी-कभी आपके मन में यह सवाल उठता है कि क्या मै सफल हो पाऊंगा या नहीँ, कभी तो बोरियत भी आने लगती है मन उदास रहता है,पढने में मन नहीं लगता है,जिस कारण आपका ध्यान एकाग्रचित्त नही हो पाता है। इसीलिए धैर्य से बढकर कुछ भी नहीँ है,और यह ठान लें कि जितनी मेहनत लगेगी फल उतना ही मधुर मिलेगा।

7- भगवान में आस्था व विश्वास रखें 

यह मन में ठान लें कि जिस काम के लिए ईश्वर ने आपको चुना है,वह किसी कारण वस ही चुना होगा। आप जो भी कर रहें है वह ईश्वर आपसे करा रहें है, आप तो निमित्त मात्र हो, जो भी है सब ईश्वर का है। ऐसा भाव अगर आपके मन में हो जाता है तो वह ईश्वर अवश्य आपकी सुनता है। इसीलिए ईश्वर पर विश्वास रखें। 

8- रूटीन बदलते रहें 

कहना का मतलब है कि जैसा आप पढने बैठते है तो लम्बे समय तक एक ही विषय को पढ कर मन ऊब जाता है,समय समय पर किताब को बदलते रहें और लिखने का कार्य भी करें इससे पढने में आपका अधिक मन लगेगा।

10- प्यार और दोस्ती से दूर रहें 

यह बहुत जरूरी है जो प्यार के चक्कर में पढा है वह कभी सफलता नही पा सकता।क्योंकि यह बाधक बनता है, व्यक्ति रास्ते से भटक जाता है। दोनों की नो झोंक मे अपना मानसिक संतुलन स्थापित नहीँ कर पाता है। वैसा ही हाल दोस्ती मे भी होता है,मौज मस्ती में हम सब भूल जाते है।समय यूँ ही निकल जाता है। फिर बाद में पछतावे के सिवा कुछ नहीं मिलता है। इसीलिए अगर लक्ष्य हासिल करना है तो कुछ समय के लिए इन सबसे दूर रहें।

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