Friday 23 June 2023

IAS Success Story: विधवा मां बेटी ने बिना किसी सुविधा के बनकर दिखाया IAS, प्रेरणादायक कहानी

IAS Success Story: विधवा मां बेटी ने बिना किसी सुविधा के बनकर दिखाया IAS, प्रेरणादायक कहानी 

नमस्कार दोस्तों आज हम एक ऐसे successful story आपको बताने जा रहे है कि जो आपके लिए एक प्रेरणा देगी। UPSC Success Story IAS in hindi दोस्तों कहा जाता है अगर इरादा नेक हो तो फिर परिस्थिति आपको झुका नहीं सकती। जी हां कहानी है IAS Success Story में कहानी है एक सफल 'वायरल गर्ल' जो महेंद्रगढ़ हरियाणा के गांव की बेटी दिव्या तंवर है। जिसने हर स्त्री को एक सीख दी है और हर वर्ग को इससे कुछ सीखना चाहिए।दिव्या मां की भूमिका में हों या बेटी की, दोनों भूमिकाओं में अगर आप खुद पर विश्वास करते हैं, एक लक्ष्य बनाकर मेहनत करते हैं तो हालात की हर रुकावट को पार कर सकते हैं। समस्या आपको झुका नहीं सकती। IPS दिव्या तंवर की कहानी, जिन्हें यूपीएससी 2023 में मिली है ऑल इंडिया 105वीं रैंक...किया माता पिता का नाम रोशन। 

दिव्या गांव में एक छोटे से कमरे में जहां चार लोग रहते थे वहीं रहती थी क्योंकि  संसाधन के नाम पर न लैपटॉप, न आई फोन न कोई वाई फाई कनेक्शन न कोचिंग में देने की मोटी-मोटी फीस ही थी न कोई सलाह देने वाला था, लेकिन फिर भी दिव्या ने ठान लिया और कर के दिखाया। दिव्या ने अपने स्कूल में एक एसडीएम को देखकर तय कर लिया था कि मैं अपनी मम्मी के लिए वही रुतबा, शोहरत हासिल करूंगी जो एक अफसर की मां को मिलते होंगे। दिव्या ने पिता के जाने के बाद तीन बच्चों की परवरिश करने वाली मां के लिए सच में यह करके दिखा दिया। दिव्या की मेहनत ने रंग लाई और अब महलों में राज करेगी।

दिव्या एक इंटरव्यू में अपनी व्या कहानी बताती हैं कि जब मैं आठ नौ साल की थी तो पिता का साया सिर से उठ गया था। कुछ भी समझ नही आता था कि जीवन कहाँ जाकर रुकेगा। बहुत गरीबी और तंगहाली में जीवन बीता. मैं जब भी पढ़ती थी, अपनी मम्मी को दिमाग में रखकर पढती थी कि उन्हें प्राउड फील कराना है उन्हें यहां से निकालना है। अपनी मां का दुख आंखों में छुपाकर चली कठिन राह पर न पता था न कोई साथी, फिर भी हिम्मत करके आगे बडती रही।

दिव्या ने देखा IAS बनने का सपना

दिव्या ने IAS बनने का सपना देखा और कहा कि जब मैं स्कूल में थी तो ऐनुअल फंक्शन था और  SDM सर चीफ गेस्ट बनकर आए थे, उनका रुतबा देखा, उन्होंने स्पीच दिया, इतनी इज्जत मिली तो सोचा कि मुझे भी एसडीएम बनना है। मन में ठान लिया और जिद पकड ली की मुझे भी बनना है। फिर दिव्या ने IAS के बारे में जानना शुरू किया। कॉलेज गई तो यूपीएससी का पता चला, फिर मैंने यूपीएससी की वेबसाइट से सिलेबस देखा और कडी मेहनत के बाद सफलता हाथ लगी।

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